Quotes and Shayari



इंसान,
जब अजनबी होते हैं,
तब जानने की कोशिश करते हैं,
और,
जब जान जाते है,
तब फिर से अजनबी बन जाते हैं ।।



इश्क़ में आसमान पर हम उड़ने लगे थे,
हम खुद से ज़्यादा तुझे चाहने लगे थे ।
तेरे धड़कनों से हमारा दिल धड़कने लगा था,
खुदाया वे इश्क़ तुझसे इतना गहरा होने लगा था ।

इश्क़ था, इस 'था' लफ्ज़ से कितना फर्क होने लगा था।।


ख़्वाहिशों के सिलवटों का आलम है हसीन,
होकर ख्वाबीदा हम तन्हाईयों में जीने लगें हैं ।
नहीं है शिकवा हमको किसी के बेरूखी से,
शायद उन्हें हमारी तमन्नाओं की क़दर नहीं है ।

Khwaisho ke silwato ka aalam hai haseen,
Hokar khwabida hum tanhaiyo mein jeene lage hai.
Nahi hai shikwa humein kisike berukhi se,
Shayad unhe humare tamannao ki qadar nhi hai.


दिल के दर्पण में देख लो ज़रा,
नैना तो धोखा दे जाती हैं ।
सही गलत का फर्क नज़र आये सारा,
दर्पण भी यह बयान कर जाती हैं ।

Dil ke darpan mein dekhlo zara,
Naina toh dhoka kar jati hai.
Sahi galat ka fark nazar aaye sara,
Darpan bhi bayaan kar jati hai.


Paromita Pramanick
जब खुद को तुमने अकेले पाया,
तब मुझको तुमने अपने साथ पाया ।
अब क्यों तुमने साथ छोड़ दिया,
जब ज़माने का साथ तुम्हे मिल गया ।।
Jab khudko tumne akele paya,
Tab mujhko tumne apne saath paya.
Ab kyon tumne saath chhod diya,
Jab zamaane ka saath tumhe mil gaya.


Paromita Pramanick
ए गुल... क्यों है इतनी खूबसूरत तू 🌹
चमकती है सूरज की रोशनी से तू 🌞
खिलती है कलियों से चमन में तू 🌷
यूहीं खिलती रहे और रोशन कर बहार तू 🌻

Ae Gul...kyon hai itni khubsurat tu?🌻
Chamakti hai suraj ki roshni se tu🌞
Khilti hai kaliyon se chaman mein tu🌷
Yuhi khilti rahe aur roshan kar bahar tu🌾


Paromita Pramanick
दिल के कमरे में मुसाफिर ने दी दस्तक 
हम उन को फ़रिश्ते समझ गए ।
देखा कोई ख्वाब सुनहरा
हम उन को हकीक़त समझ गए ।
ग़ैरों ने ऐसी पल्टी उनकी चाल
हमें तो अपने भी रुस्वा कर गए ।।

Dil ke kamre mein misafir ne di dastak
Hum unko farishte samajh gaye.
Dekha koi khwab sunehra
Hum unko haqiqat samajh gaye.
Gairo ne kuch aisi hi palti unki chaal 
Humein toh apne bhi ruswa kar gaye.


Paromita Pramanick
You've come up stronger through 
every obstacles in your life;
May this phase give you the strength
to overcome with all afflictions!!


Paromita Pramanick
I walk on the soft grass with flowers on the meadow,
The flowers look at me with a grudge as they show;
'You are so beautiful', I replied with a pardon and bow,
The flowers feel happy as I speak to them in a flow.
Now they rest upon the grassland covered with snow,
I happened to leave them keeping my pace slow.

Paromita Pramanick ©2018. All Rights Reserved.

No comments:

Powered by Blogger.